कृषि विज्ञान केंद्र के सभागार में प्राकृतिक खेती पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

गुजरात के आनंद में आयोजित कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण पर राष्ट्रीय शिखर सम्मेलनके समापन सत्र के दौरान माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से कहां की कृषि सेक्टर खेती किसानी के लिए आज का दिन बहुत ही महत्वपूर्ण है इन्होंने खेती के साथ पशुपालन मत्स्य पालन मधुमक्खी पालन सौर ऊर्जा बायोफ्यूल जैसे अनेकों वैकल्पिक साधनों से किसानों को निरंतर जोड़ने पर बल दिया।उन्होंने आश्वस्त किया कि प्राकृतिक खेती अपनाकर हम रासायनिक खादों , कीटनाशक पर खर्च ना करके लागत कम करके आमदनी बढ़ा सकते हैं।इस अवसर पर माननीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने प्रधानमंत्री की भूर भूर प्रशंसा करते हुए उनके प्रयासों को सराहना की तथा प्राकृतिक खेती के द्वारा कृषक समुदाय को जागृत किया ।गुजरात के राज्यपाल माननीय आचार्य देवव्रत ने अपने प्राकृतिक खेती के अनुभवों को विस्तार पूर्वक साझा करते हुए इसे अपनाने पर जोर दिया।कार्यक्रम के समापन के उपरांत कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष विश्ववेन्दु द्विवेदी ने खेती को प्राकृतिक खेती के तरफ जाने क लिए किसानों और कृषक महिलाओं से आह्वान किया । केंद्र के गृह विशेषज्ञ डॉक्टर रेखा सिंह ने प्राकृतिक खेती से पैदा हुए उत्पाद के गुणवत्ता पर चर्चा किया तथा इसके लाभ को विस्तार पूर्वक बताया। केंद्र के कृषि प्रसार विशेषज्ञ डॉक्टर आरपी चौधरी ने प्राकृतिक खेती के सिद्धांतों एवं लाभ पर जानकारी दी ।केंद्र के कृषि मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने प्राकृतिक खेती में मौसम पूर्वानुमान के प्रयोग व लाभ पर जानकारी दी इस अवसर पर जनपद के विभिन्न गांव से 125 कृषकों एवं कृषक महिलाओं उपस्थित होकर लाभान्वित हुए।

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