विश्व पटल पर साइक्लिंग प्रतिस्पर्धा में छाने को बेताब म्योरपुर का संतोष

16 दिनों में दर्जनों शहरो का भ्रमण करते हुए तय किया 2100 किमी का सफर

संवाददाता-बाबु लाल शर्मा(म्योरपुर/सोनभद्र)

Editor yash pathak 9140290705

सोनभद्र के म्योरपुर ब्लॉक के म्योरपुर स्थानीय क़स्बा की माटी से उपजे लाल संतोष गुप्ता हैं जिन्होंने एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग से स्नातक करने के बाद वर्तमान में साइकिल रेसर के रूप अपनी पहचान बना रहें है। संतोष के पिता संतराम गुप्ता जो म्योरपुर में एक कपड़े की दुकान चलाते हैं । संतोष अपने मेहनत और लगन की बदौलत विश्व पटल पर साइक्लिंग प्रतिस्पर्धा में छाने को बेताब हैं। संतोष ने सोनभद्र के सभी ब्लॉकों व तहसील का भ्रमण साइकिल से कर लिया है। अभी हाल में ही संतोष ने प्रयागराज से कानपुर, इटावा, आगरा , मथुरा, वृंदावन, दिल्ली, मुजफ्फरनगर, रुड़की, हरिद्वार, देहरादून, मुरादाबाद, शाहजहाँपुर, लखनऊ, रायबरेली से होते हुए प्रयागराज पहुँचे। प्रयागराज से मिर्जापुर के रास्ते अपने गृह जनपद सोनभद्र में स्थित अपने गाँव म्योरपुर साइकिल की यात्रा करके पहुँचे। इस पूरी यात्रा के दौरान 2100 किलोमीटर की दूरी रात्रि विश्राम करते हुए सिर्फ 16 दिन में पूरा करके पूरे देश में एक नया कृतिमान स्थापित कर दिया है।संतोष का कहना है कि वह भारत की तरफ से विश्व ओलम्पिक में साइकिल रेसिंग में प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं संतोष गुप्ता के जोशो जुनून का पुरे गाँव के लोग मुरीद हो गये है और सभी क्षेत्रवासियों ने उनको ढेरों शुभकामनाएं व आशीर्वाद दे रहे है कि वे सोनभद्र का नाम रौशन करे और अपने लक्ष्य को प्राप्त करें।

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