नगर पालिका परिषद द्वारा कूड़ा संग्रह के नाम पर कर रही वसूली।

रिपोर्ट- अनीस अख्तर/सह संपादक

Editor yash pathak 9140290705

नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष ने कहा की पालिका की कोई जानकारी नहीं है।

गोपीगंज। नगर पालिका परिषद गोपीगंज द्वारा नगर में कूदा संग्रह के नाम पर की जा रही वसूली। जिसका विरोध नगरवासियों ने किया है। गृह कर की वसूली लेना इस बात को दर्शाता है की नागरिकों को सुविधाएं देना, नगर पालिका परिषद की जिम्मेदारी है, नगर पालिका परिषद गोपीगंज जब गृहकर की वसूली करती है, तो उसकी जिम्मेदारी बनती है की नागरिकों को साफ सफाई,स्ट्रीट लाइट,रोड पर पशुओं को हटाना आदि। लेकिन अब कूड़ा संग्रह का अलग शुल्क लेना लोगों की जेब पर भारी पड़ रहा है। एक तरफ नगर पालिका गृह कर के अलावा जल कर की भी वसूली कर रहा है, तो वहीं डोर-टू-डोर कूड़ा एकत्र करने के रूप में भी मोटी रकम वसूली करना जायज है। नगर पालिका की टीम ने नगर के विभिन्न मोहल्लों में पहुंचकर लोगों से डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के एवज में पचास रुपये प्रतिमाह देने की मांग की। शुल्क न देने पर चेतावनी दी की अगर नही जमा किया तो प्रतिमाह पांच रुपए जुर्माना देना पड़ेगा, जिसका हवाला रसीद में उत्तर प्रदेश सरकार की अधिसूचना दिनांक 06.07.2013 द्वारा नगर पालिका परिषद अधिनियम 1916 की धारा 196 के अंतर्गत नगर पालिका परिषद गोपीगंज अधिकृत। तो नागरिक भड़क उठे। कहने लगे कि सफाई के लिए न तो सफाईकर्मी दिखाई देते हैं, न ही कोई उचित व्यवस्था की गई है। तो ऐसे में हम लोग किस काम का शुल्क दें। गोपीगंज नगर में किराए के मकान में निवास कर रहे कृष्णा नामक व्यक्ति ने कहा की हमारा कोई घर नही एक कमरे में हम किराए पर रहते है हमे पचास रुपए की रसीद पकड़ा दी गई हम दूसरों के घर में मजदूरी कर जीवन यापन करते है हम कहा से दे पायेंगे । दीपक अग्रहरी, राजू, बिंदेश गुप्ता का आरोप है कि नगर पालिका हम सभी से दोहरा टैक्स वसूल रही है। गृह कर-जल कर के बाद अब कूड़ा उठाने का भी शुल्क देना पड़ रहा है। नगर उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष श्रीकांत जायसवाल ने पालिका पर सवाल उठाया कि आखिर में पालिका गृह कर किसलिए वसूल रही है। कोरोना के चलते एक तो पहले से आर्थिक तंगी चल रही है, ऊपर से नए-नए नियम लागू कर नगर पालिका सिर्फ अपना खजाना भरने में लगी है। जब की पालिका सफाई कर्मियों के नाम पर प्रतिमाह लाखो का भुगतान सेवा प्रदाता को करती है। फिर ऐसे में प्रतिमाह लाखों का डीजल और ट्रेक्टर आदि पर रखरखाव पर खर्च करना कहा तक जायज है।इस संबंध में जानकारी प्राप्त हुई की बोर्ड को बैठक में जब प्रस्ताव लाया गया था तो वार्ड नंबर 21 के सभासद आनंद मोदनवाल,वार्ड नंबर 14 के सभासद अनूप जायसवाल ने पुरजोर विरोध किया था। इस संबंध में जब पालिका अध्यक्ष प्रहलाद दास गुप्ता ने जानकारी वसूली के जानकारी ली गई तो उन्होंने सिरे से खारिज करते हुए कहा की इसमे पालिका की कोई भूमिका नहीं है। जब पालिका की रसीद के संबंध में उसे जानकारी लेनी चाही तो उन्होंने बताया कि हमें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है, इस तरह की कोई रसीद मिलती है तो पालिका को जानकारी दें उनके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
वही सवाल इस बात का भी उठता है कि एक तरफ अध्यक्ष महोदय ने कहा कि मुझे इस संबंध में कोई जानकारी नहीं वहीं दूसरी तरफ नगर पालिका परिषद की गाड़ी लगातार महीनों तक कूड़ा संग्रह के संबंध में प्रचार प्रसार कर आती रही।

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