भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद दिल्ली के वैज्ञानिकों ने दिया तकनिकी ज्ञान
संवाददाता-बाबु लाल शर्मा(म्योरपुर/सोनभद्र)

म्योरपुर स्थानीय ब्लॉक क्षेत्र के बनवासी सेवा आश्रम गोविन्दपुर में ISAP के सहयोग से दुधारू पशुपालक किसानों, सामुदायिक विकास कार्यक्रम के कार्यकर्ताओं व किसान प्रोड्यूस कंपनी (FPC) के सदस्यों का जलीय फ़र्न “अजोला” उगाने का एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन बीते दिन किया गया! प्रशिक्षक के रूप में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) दिल्ली के डा. रविन्द्र कुमार व डा.प्रीतम सिंह ने अजोला उगाने के तकनीक को विस्तार से जानकारी दिया। उन्होने बताया कि अजोला एक जलीय फ़र्न है जो चार से पांच सप्ताह में पशु को चारे के रूप में खिलाने के लिए तैयार किया जा सकता हैं। इसमें पशु के लिए पौष्टिक तत्व प्रोटीन, हार्मोन्स, विटामिन, मिनरल्स आदि प्रचुर मात्रा पाया जाता है। इसे कम जगह में तथा आसान तरीके से उगाया जा सकता है। इसे खिलाने से दूध में एक-दो माह में दस प्रतिशत की वृध्दि हो जाती है तथा पशु का स्वास्थ्य ठीक रहता है। इसे गाय,भैस, बकरी, मुर्गी, मछली के लिए चारे के उपयोग कर सकते है। उन्होने बताया कि अजोला से एक किसान एक अच्छी दुधारू पशु को खिलाकर एक वर्ष में 40 से 50 हजार का बचत कर सकता है। इसके अलावा अजोला जैविक खाद के रूप में धान के खेती में प्रयोग किया जाता है। खास बात यह है कि अजोला वातावरण से नाइट्रोजन का स्तिथिकरण करने की क्षमता रखता है। अजोला का उपयोग हम बीओरेमिदशन के रूप में भी कर सकते है क्योंकि यह हानिकारक भारी तत्वों जैसे लेड, क्रोमियम, निकिल आदि को दूषित पानी से हटा देता हैं। सभी प्रतिभागियों ने उत्साह पूर्वक सीखा। सभी प्रतिभागियों ने माडल के रूप में प्रयोग कर सीखा। अगले माह सभी पशुपालक किसान अपने घरों में इसका उत्पादन करेंगें ऐसा तय किया।इस अवसर पर मिशन समृध्दि स्टेट मैनेजर शचि सिंह, शुभाबहन, शिवशरण भाई, देवनाथ भाई, नीराबहन,प्रदीप सिंह, केवला दूबे, बिभु रंजन, उमेश कुमारचौबे, रघुनाथ भाई, रामसुभग भाई, रमेश भाई, भारती सिंह, शिवनारायण भाई, व सभी क्लस्टर के पीआरपी और एलआरपी उपस्थित रहे।