कस्तुरबा के कारण ही बन सके गांधी, मोहन से महात्मा
संवाददाता-बाबु लाल शर्मा(म्योरपुर/सोनभद्र)

देश की अग्रणी व प्रथम सत्याग्रही महिला स्वतंत्रता सेनानी कस्तुरबा गांधी जिन्होंने महत्मा गाँधी के साथ देश की आजादी में अमूल्य भूमिका अदा किया उनका मंगलवार को म्योरपुर ब्लॉक क्षेत्र के गोविंदपुर में उन्हें राष्ट्रमाता के रूप में याद कर उनका पूर्णतिथि मनाया गया! शुभा बहन ने कस्तुरबागांधी के कृत्यों को याद करते हुए कहा कि “बा” एक साधारण महिला थी बिना पढी लिखी महिला होने के बावजूद जीवन एवं स्वतंत्रता आंदोलन में प्रत्येक क्षण गांधीजी का साथ दिया। “बा” पूरी निष्ठा के साथ हमेशा महिलाओं में जागरूकता बढाने का काम की और आज़ादी आंदोलन में उन सभी की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित किया। जब गांधी जी को जेल भेज दिया गया था उस समय उन्होंने आगे बढ़ कर आजादी नेतृत्व की जिम्मेदारी खुद ली। “समानता में स्थित ही समाज हमें चाहिए, जितना पुरुष मुक्त है उतनी ही स्त्री भी मुक्त चाहिए, इस गीत के माध्यम से महिला समानता का संदेश दिया गया। आश्रम के बहनों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरूआत की।
सभा में सर्वजीत भाई, नीराबहन, विमलभाई, आदि ने अपने विचार रखे।
मौके पर डा. विभा बहन, शिवशरण भाई, राधेकृष्ण, केवला दूबे, इन्दुबहन, दिवाकर शर्मा, विजय कुमार, देवकुमारी, प्रदीप सिंह सहित शिक्षा निकेतन के सैकड़ो बच्चे उपस्थित रहे।