रिपोर्ट- अनीस अख्तर

गोपीगंज। क्षेत्र के लोहारा खास गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय परिसर में रविवार को गांव के गरीब और वनवासी बच्चों को पूरी तरह शिक्षित करने का बीड़ा उठाने वाली संस्था का वार्षिकोत्सव रविवार को धूमधाम के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया।
मुख्य अतिथि श्रीराम मौर्या द्वारा मेधावी बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में वनवासी बच्चियों द्वारा विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। शिक्षा से बड़ा कोई धर्म नहीं होता और शिक्षा देने और लेने की कोई जाति धर्म नहीं होता। इस बात का प्रत्यक्ष उदाहरण हैं लोहरा खास के रहने वाले प्रशांत मौर्य जो एक प्राइवेट स्कूल में टीचिंग करते है। गरीब बच्चे जो स्कूलों में फीस के अभाव में पढ़ नही पाते रहे उनके दिल में उनके लिए एक करुणा पैदा हुई और उन्होंने सन् 2015 को प्रण किया की निःशुल्क बच्चो को अपने मेहनत और कमाई से शिक्षा देंगे, अपने मुकाम पर पहुंचने के लिए अपने साथी टीचरों के सहयोग से ग्रामीण इलाको के बनवासी बच्चो के साथ गरीब बच्चो को पढ़ने के लिए प्रोत्शाहित किया और अपने ललक शिक्षा सामाजिक संस्था के नाम से स्थापना की और बच्चो को पढ़ाना शुरू किया । आज सात वर्षो से निःश्वार्थ भावना से सेवा करते चले आ रहे है। प्रशांत मौर्य के लिए यह सफर इतना आसान नहीं था। परंतु दृढ़ निश्चय के साथ अपने अभियान में लगे है। जिसमे मुफ्त शिक्षा, मुफ्त भोजन, मुफ्त कपड़े ड्रेस, दवाएं भी देते है। उन्होंने कभी भी मीडिया या फिर अन्य तरीके से सामने आकर अपनी इस सफलता की चर्चा नहीं की वह पिछले 7 सालों से लोगों की सेवा करते आ रहे हैं उन्हें जरूरत की हर चीज उपलब्ध कराते आ रहे हैं। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रशांत कुमार, कुलदीप सिंह ,यास्मीन बानो अंशिका मौर्य आदि का योगदान सराहनीय रहा।