रिपोर्ट- चंदन मोदनवाल
गोपीगंज (लालनगर) । प्रदेश में सरकारी विभाग हो या प्राइवेट विभाग सभी जगहों पर आम जनता से लूटपाट रिश्वत लेना यह एक आम सा हो गया है, जहां एक तरफ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुंडों माफियाओं पर बुलडोजर चलवा रहे हैं जिसके भय से आए दिन गुंडे बदमाश सरेंडर करने में लगे हुए हैं लेकिन दूसरी तरफ छोटे बच्चों के शिक्षा के मंदिर में मिलीभगत से व्यापार फल फूल रहा है। मालूम हो कि छोटे बच्चे के एडमिशन से लेकर फीस एवं बुक सहित निजी स्कूलों में जिसको शिक्षा का मंदिर कहा जाता है वहां पर दुकानदार से लेकर स्कूल स्टाफ एक ही थाली के चट्टे बट्टे बन चुके हैं।बता दे कि दुकानदारों के द्वारा निजी स्कूलों में बच्चों की किताबों को लेकर स्कूल के प्रबंधकों को खुला ऑफर दिया जाता है जिसमें नर्सरी से लेकर कक्षा पांच तक की किताबों पर 40 से 50 परसेंट के मुनाफे पर किताबों को स्कूलों में अटैच कर दिया जाता है और ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमाया जाता है एवं LKG क्लास वन क्लास 2 की किताबों के मूल्य पन्द्रह सौ से लेकर उनीस सौ तक पड़ जाते हैं और उस पर किसी प्रकार का छूट नहीं दिया जाता हैं, किताबों में छपे प्रिंट रेट से पैसा लिया जाता है जिसको लेने में अभिभावकों के पसीने छूट जाते हैं लेकिन इस पर उच्च अधिकारियों द्वारा कोई भी कार्यवाही देखने को नहीं मिलती।