रिपोर्ट- अनीस अख्तर

इस महंगाई के दौर में राहगीरों यात्रियों को 20 रुपए का पीने का बोतल पड़ रहा भारी। पालिका को नहीं दिखाई पड़ रही गर्मी।
भीषण गर्मी से जनजीवन बेहाल है। नगरीय क्षेत्र में कहीं भी नही दिख रहे प्याऊ की स्टाल।
गोपीगंज। अप्रैल के माह में ही तापमान 40 डिग्री के पर हो गया है। इस भीषण गर्मी से जनजीवन बेहाल है। नगरीय क्षेत्र में कहीं भी निःशुल्क प्याऊ की व्यवस्था नहीं होने से ठंडा पेयजल नहीं मिल पा रहा है। कस्बा में मात्र एक समाजसेवी संस्था के द्वारा मिर्जापुर रोड मोड़ पर वाटर कूलर लगाया गया है। राजनीति करने के लिए अपना फोटो और प्रचार करने को तमाम समाजसेवी संस्था दिखाई पड़ती है, परंतु जीवन से जुड़ी प्याऊ की निःशुल्क व्यवस्था नहीं की है। स्थानीय लोगों ने नगर पालिका से मांग की है कि नगर क्षेत्र के प्रमुख मार्ग चौक-चौराहों पर बीते वर्षों की भांति मटके रखवाकर प्याऊ खुलवाया जाए। राहगीरों को चलती फिरती प्याऊ द्वारा ठंडा शुद्ध पेयजल पिलाने की व्यवस्था कराई जाए। भीषण गर्मी से जहां एक ओर स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर अभिभावक, शिक्षक झुलस रहे हैं। वहीं दिन में घरों से बाजार निकलने वालों का भी बुरा हाल है। पर्याप्त सार्वजनिक प्याऊ न होने से लोग मजबूरी में बोतलबंद या फिर पानी पाउच खरीदने को मजबूर हैं। वर्षो पूर्व पालिका द्वारा राहगीरों व स्थानीय लोगों को ठंडा पेयजल उपलब्ध कराने हेतु वाटर कूलर सरकारी अस्पताल के सामने स्थापित कराए थे, परंतु किन कारणों से उसे निकाला गया इसका पता नही चल पाया। राहगीरों और स्थानीय नागरिकों ने बस स्टैंड सहित चुनिंदा स्थानों पर निःशुल्क प्याऊ उपलब्ध कराने की मांग की है। नगर का अधिकतम तापमान 40 डिग्री के आसपास रिकॉर्ड किया जा रहा है। दोपहर में भीषण गर्मी के असर से लोगों का बार-बार गला सूख रहा है। राहगीरों को पर्याप्त मात्रा में पानी मिले, इसके लिए जरूरी है कि नगर में एक निश्चित दूरी पर प्याऊ खोले जाएं।
इस भयंकर गर्मी का फायदा ठेले वाले या दुकानदार उठा रहे है। नगरीय क्षेत्र में गर्मी के मौसम में तमाम ठेले वाले ढाबे नास्ता की दुकानों पर ड्रम में पानी रखे रहते है। नाश्ता आदि खाने पीने की वस्तुओ के बाद जब राहगीर पानी मांगते है तो उन्हें ठंडे पानी की जगह पाउच या बोतल पकड़कर अलग से पैसे लेते है। और मजबूरी का फायदा उठाते है। ऐसे में नगर पालिका परिषद का दायित्व बनता है कि कि बस स्टैंड रेलवे स्टेशन प्रमुख चौराहों पर शुद्ध पेयजल प्याऊ की व्यवस्था की जाए।