रिपोर्ट- अनीस अख्तर

बड़े दुकानदार अपने सामने दुकानों को लगवाकर दस दस हजार महीने की वसूली करते है।
गोपीगंज। इस समय लगन का सीजन चल रहा है। जिसके कारण जिले के प्रमुख बाजार गोपीगंज ग्राहकों का आवागमन काफी बढ़ गया है। जिसके चलते जाम की हालत बन जाती है। पैदल चलना मुश्किल हो जाता है।
दिन प्रतिदिन बढ़ रही दुकानों, ठेला के कारण पूरा नगर अतिक्रमण की चपेट में है। हालात ऐसे बन चुके हैं कि सड़कों व गलियों में लोगों के चलने के लिए जगह नहीं बची है। गलियों में जहां पहले छह से आठ फीट जगह थी आज वहा पालिका की मेहरबानी से एक ठेला या रिक्शा निकलना मुश्किल हो गया है। जबकि नगर पालिका परिषद के वार्ड सभासदों की जिम्मेदारी बनती है। की अतिक्रमण की जानकारी पालिका को दें। पालिका में यह मामला जब पड़ोसियों के बीच फंसता है तो पहुंचता है। परंतु नगर पालिका परिषद उसके बावजूद भी कोई कार्यवाही नहीं कर पाती। मात्र नोटिस देकर अपनी जिम्मेदारी से मुक्त हो जाती है। शहर के कुछ इलाके ऐसे हैं कि जहां दुकानों के बाहर सामान रख कर अतिक्रमण किया गया है। इसी कारण नगर में जाम की समस्या बन रही है।
नगर की सड़कें अतिक्रमण से सिकुड़ गई हैं। जिन स्थानों पर बाजार आने वाले लोग अपनी बाइक, साइकिल आदि रोक करके दुकान में सामान की खरीदारी के लिए चले जाते थे। उस जगह को या तो दुकानदारों ने कब्जे में ले लिया है। या वहां ठेले या फलवालों ने अपनी छोटी-छोटी दुकानें लगा ली हैं। कई जगह ऐसा भी है जहां बड़े दुकानदारों ने फलों की दुकान लगवा ली है। और सरकारी जमीन का किराया वे स्वयं वसूल करते हैं। वहीं जानकारी होने के बावजूद नगर परिषद अतिक्रमण पर अंकुश नहीं लगा पा रही है। अतिक्रमण दूर करने के लिए योजनाएं तो बहुत बनाई गई, लेकिन आज तक इसको लेकर जमीनी स्तर पर काम नहीं किया जा सका है।
सरकार ने लोगों की सुविधा के लिए नगर में सड़कों व गलियों का निर्माण किया गया है, लेकिन अब यह सड़कें चलने में कम व्यवसाय में ज्यादा इस्तेमाल की जा रही हैं। अतिक्रमण के कारण सड़कें व गलियां पूरी तरह से सिकुड़ चुकी हैं। नगर के मेन बाजार, सदर महाल, खड़हट्टी मोहाल, अंजही मोहाल पश्चिम महाल जीटी रोड बड़ा चौराहा मिर्जापुर रोड व्यस्त इलाकों में से एक है। इन स्थानों पर दुकानदारों ने अपनी दुकानों के सामान को सड़क पर रख दिया है। इसी कारण पैदल चलने वाले लोगों के लिए सड़क पर स्थान ही नहीं बचा है। आए दिन कोतवाली व पुलिस चौकी में नगर के व्यापारियों व संभ्रांत नागरिकों के साथ पुलिस बैठक कर सलाह तो मांगती है। परंतु इन अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं करती है। इसी अतिक्रमण को लेकर बगल के दुकानदारों में आए दिन विवाद होते रहते है। वही नगर पालिका परिषद की जिम्मेदारी बनती है कि नगर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध कार्यवाही करें।