डुमरहर में विधायक की अगुवाई में वनाधिकार गांव का हुआ सत्यापन
वनाधिकार से संबंधित सारे अधिकारियों को विधायक ने किया तलब
संवाददाता-बाबु लाल शर्मा(म्योरपुर/सोनभद्र)

बभनी स्थानीय थाना क्षेत्र के डुमरहर गांव में शुक्रवार को राज्यपाल के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर विधायक रामदुलार गोड़ ने चौपाल लगाकर लोगों को पट्टा दिए जाने को लेकर मंथन किया।ज्यादातर फाइलों को निस्तारित कर ग्रामीणों को पट्टा देने की बात कही गई।इस मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण व विभिन्न विभागों के अधिकारी व कमर्चारी मौजूद रहे।बभनी विकास खंड की डुमरहर गांव में धारा 20 की जमीनों पर काबिज लोगों को भौमिक अधिकार देने को लेकर शुक्रवार को विधायक रामदुलार सिंह की अगुवाई में मंथन किया गया।विधायक रामदुलार सिंह गोंड ने सारे अधिकारियों को तलब कर डुमरहर गांव में प्रजापति गौड़ के घर के पास स्थित आम के पेड़ के नीचे उपजिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार मिश्र, एसडीओ डॉ उमेश तिवारी तथा समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर यादव ने विधायक के साथ अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के प्रदेश सहसंगठन मंत्री आनंद की अगुवाई में फाइलों को निस्तारित करने का काम किया गया।इस दौरान लेखपाल और वन दरोगा ने फाइलों में आ रही समस्याओं को खुलकर बताया।इस पर एसडीएम और एसडीओ ने उनकी समस्याओं का समाधान करते हुए प्राप्त दावों के सापेक्ष 4696 गाटों में से 2500 गाटों के निस्तारण की बात कही।इस दौरान उन्होंने कहा कि जितनी फाइलें निस्तारित हो रही है, उन्हें उपखंड स्तरीय समिति पर भेज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी, जिससे ऐसे लोगों का पट्टा तैयार किया जा सके।जिससे उन्हें भविष्य में पट्टा दिए जाने के लिए अंतिम रूपरेखा तैयार हो सके।वनाधिकार समिति के अध्यक्ष रामजग ने भी समिति और अपने स्तर से हुए कार्यों की फाइलें सभी के सामने रखी।इस मौके पर वन एवं राजस्व विभाग के लेखपालों द्वारा उसका सत्यापन कर पूर्ण करने की बात कही गई।सामूहिक रूप से शनिवार को सेवाकुंज आश्रम चपकी में शिविर लगाकर निस्तारित दावों को उपखंड स्तरीय समिति पर भेजे जाने के लिए शिविर लगाने की बात कही।ऐसे में एसडीएम ने कहा कि 27 गांवों में जहां दावों का निस्तारण कर दिया गया है, ऐसे गांव की फाइलों को कल पूर्ण कर आगे बढ़ाया जाए, जिससे काम को गति मिल सके।इसके बाद प्रजापति गोड़ के 21 गाटों का सत्यापन भी किया गया।जिसमें उन्होंने वनाधिकार के तहत दावा किया था।दावा के सापेक्ष नक्शा और खतौनी के माध्यम से मौके पर जाकर सभी ने सत्यापन किया।विधायक रामदुलार सिंह ने कहा कि किसी भी तरह से जोत कोड़ वाले नंबरों को नहीं छोड़ना है।कहा सभी का निस्तारण कर देना है।उन्होंने कहा कि 50 वर्षों से आदिवासी टकटकी लगाकर अपने जमीन पर अधिकार के लिए इंतजार कर रहा है।ऐसे में उसको अधिकार मिलना चाहिए।इस मौके पर सेवाकुंज आश्रम के सीताराम, बबई सिंह मरकाम, अभय सिंह, आशीष अग्रहरी, उपजिलाधिकारी शैलेंद्र मिश्र, तहसीलदार ज्ञानेंद्र यादव, खंड विकास अधिकारी बभनी रवि कुमार, वन दरोगा थेगुराम समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और विभिन्न विभागों कर्मचारी मौजूद रहे।