संवाददाता- अनीस अख्तर

ग्रामीण व नगरीय निकायों में जन्म मृत्यु पंजीकरण की हो समुचित व्यवस्था – उप महानिदेशक
पंजीयन रजिस्टर पर मृतक के कारणों को भली भाँति दर्शाने पर दिया बल ।
गोपीगंज। दिन शनिवार को नगरपालिका परिषद गोपीगंज का मनोज कुमार उपमहानिदेशक भारत सरकार एवं जिलाधिकारी आर्यका अखौरी द्वारा निरीक्षण व बैठक किया गया ।
नगरपालिका परिषद गोपीगंज कार्यालय मे उपस्थित सीएमओ डॉ.संतोष कुमार चक, अधिशासी अधिकारी अमिता सिंह और अन्य अधिकारियों ने जन्म-मृत्यु से संबन्धित आंकड़े एवं अभिलेखों का अवलोकन कराया ।
इस अवसर पर उपमहानिदेशक महोदय ने अवगत कराया कि भारत सरकार के निर्देश के अनुक्रम में पूरे प्रदेश में जन्म- मृत्यु पंजीकरण का कार्य दिनांक 01-02-2020 से भारत के महारजिस्ट्रार द्वारा उपलब्ध कराये गए CRS पोर्टल पर ही किया जाना है अन्य किसी पोर्टल अथवा मुद्रित प्रारूप पर प्रमाणपत्र जारी नहीं किये जाने हैं।
उत्तर प्रदेश शासन की अधिसूचना के अनुसार ए.एन.एम./आशा/ आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/ सफाई कर्मचारी जन्म-मृत्यु पंजीकरण कार्य के लिए अधिसुचक (Notifier) के रूप में नियुक्त किये गए हैं।
महानिदेशक ने बताया की जन्म-मृत्यु के शत प्रतिशत पंजीयन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आवश्यक है.कि उक्त कार्य से जुड़े हुए सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि सभी ग्रामीण इकाइयों एवं नगर निकायों तथा स्वास्थ्य केंद्रों पर जन्म और मृत्यु का पंजीकरण कार्य करने की समुचित व्यवस्था किया जाए। अधिकारियों द्वारा इसकी नियमित समीक्षा की जाए। ग्रामीण एवं नगरी इकाइयां जहां पर पंजीकरण सुचारू ढंग से नहीं हो रहा है अथवा उनके यहां पंजीकरण का दर बहुत कम है उनका पहचान कर सीएमओ और डीपीआरओ इसकी समीक्षा करें और आवश्यकतानुसार समुचित कार्रवाई करें।
आम जनता को पंजीकरण के संबंध में जागरूक करने हेतु व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए।
प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया बहुत सरल है अतः यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रमाण पत्र निर्गत करने में कोई विलंब ना हो और आम नागरिक को प्राप्त करने में कोई असुविधा ना हो।
चिकित्सालय, नगर निकायों तथा ग्राम पंचायतों के कार्यालयों में जहां पर जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रीकरण होता हो वहां पर का स्पष्ट साइन बोर्ड लगाए । रजिस्ट्रेशन के लिए आवश्यक जो भी डॉक्यूमेंट लगते हैं उसका उल्लेख भी करें।
निजी चिकित्सा संस्थानो में घटित जन्म एवं मृत्यु की शत-प्रतिशत सूचना स्थानीय रजिस्ट्रार कार्यालय में उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया जाये ।
अभिलेखों की संपूर्णता एवं शुद्धता सुनिश्चित करते हुये जन्म-मृत्यु का शत प्रतिशत पंजीकरण करने तथा 21 दिन के अंदर संबन्धित को प्रमाण पत्र निःशुल्क उपलब्ध कराने के निर्देश दिये । इसी प्रकार मृतक व्यक्ति से संबन्धित मृत्यु के कारणो को भलीभांति दर्शाने पर बल दिया ।
उत्तर प्रदेश शासन की अधिसूचना के अनुसार ए.एन.एम./आशा/ आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/ सफाई कर्मचारी जन्म-मृत्यु पंजीकरण कार्य के लिए अधिसुचक के रूप में नियुक्त किये गए हैं अतः यह इन कर्मचारियों का दायित्व है कि जन्म एवं मृत्यु की प्रत्येक घटना की सूचना सम्बंधित रजिस्ट्रार को प्रदान करें इस आशय का कड़ा निर्देश इन को जारी किया जाए।
जनपद के समस्त पंजीयन इकाइयों के रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) की सूची (क्षेत्र/रजिस्ट्रार का नाम/पदनाम/मोबाइल नंबर/ पंजीयन इकाई का पता आदि विवरण के साथ) अपने जनपद की NIC वेबसाइट पर भी प्रदर्शित करवाएं, जिससे सामान्य जनता इस सुविधा का लाभ उठा सके।
जिलाधिकारी ने ग्रामीण व नगरी निकायों एव सभी स्वास्थ्य केंद्रों से संबंधित सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देशित किया कि जन्म – मृत्यु से संबंधित पंजीयन शत प्रतिशत सुनिश्चित किया जाए। इस कार्य में लापरवाही व शिथिलता क्षम्य नहीं होगी। जिलाधिकारी ने सीएमओ व डीपीआरओ को समीक्षा बैठक में वितरण की रिपोर्ट के साथ प्रतिभाग करने का निर्देश दिया।
इस अवसर पर डा, एस एस शर्मा उपनिदेशक जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तर प्रदेश, लखनऊ,चेयरमैन प्रहलाद दास गुप्ता, मुख्य विकास अधिकारी भानु प्रताप सिंह, अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार मिश्र, डीपीआरओ, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी/ नोडल अधिकारी जन्म मृत्यु, सहित अन्य अधिकारी गण उपस्थित रहे।